Bulletins

7/22/2019 10:26:00 AM'

डायबिटीज की महिला मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा: अध्ययन

यह तो सभी जानते हैं कि डायबिटीज हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाता है, लेकिन हाल में ही हुए एक वैश्विक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि डायबिटीज के कारण पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में हार्ट अटैक का जोखिम ज्यादा रहता है। इस अध्ययन में 120 लाख प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। अंतरराष्ट्रीय मधुमेह महासंघ (आइडीएफ) के मुताबिक, वर्तमान में दुनियाभर में लगभग 41.5 करोड़ लोग डायबिटीज के शिकार हैं, जिनमें लगभग 19.5 करोड़ महिलाएं हैं। भारत को विश्व में डायबिटीज कैपिटल के रूप में जाना जाता है। यहां वर्ष 2017 म...

7/22/2019 10:25:00 AM'

मेडिकल टेक्सटाइल तैयार करेंगे यूपीटीटीआइ छात्र

प्लास्टिक और मार्बल के टुकड़ों से बनेंगी ईंटें, हो सकेंगी रिसाइकल विक्सन सिक्रोड़िया, कानपुरउत्तर प्रदेश वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान (यूपीटीटीआइ) के छात्र अब बैंडेज, टांके व जलने-कटने पर बांधी जाने वाली पट्टी जैसे मेडिकल टेक्सटाइल बनाना भी सीखेंगे। नए सत्र में छात्रों को ऐसी लैब मिलेगी जिसमें वह चिकित्सा क्षेत्र में इस्तेमाल की जाने वाले स्मार्ट टेक्सटाइल का अध्ययन कर सकेंगे। संस्थान में ऐसे प्रयोगात्मक अध्ययन व अनुसंधान के लिए एंटी माइक्रोबियल लैब बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। दिसंबर में ट...

7/22/2019 10:23:00 AM'

नदियों की सफाई के लिए 5,800 करोड़ रुपये की मंजूरी

पर्यावरण मंत्रलय ने कहा है कि गंगा से इतर देश के 16 राज्यों की 34 नदियों की सफाई के लिए 5,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दे दी गई है। पर्यावरण राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने हाल में लोकसभा को बताया कि राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (एनआरसीपी) के तहत मंजूर 5,870 करोड़ रुपये में से 2,522 करोड़ रुपये केंद्र ने राज्यों को जारी कर दिए हैं। एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा, ‘विभिन्न नदियों के किनारे स्थित शहरों में प्रदूषण उन्मूलन कार्यो के लिए अलग-अलग समय पर विभिन्न राज्यों से प्रस्ताव आते...

7/20/2019 7:38:00 AM'

नौकरियों में महिलाओं को 20 फीसद आरक्षण

सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 20 फीसद क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला किया है। कोर्ट ने कहा है कि सामान्य और आरक्षित वर्ग की सीटों पर यदि मेरिट में महिला सफल घोषित होती है तो उसे अपने श्रेणी के 20 फीसद कोटे में गिना जाएगा। जिस श्रेणी में कोटा पूरा नहीं होगा उसमें संबंधित कोटे की सफल महिला को ही स्थान मिलेगा। इसके लिए नीचे से चयनित पुरुष बाहर हो जाएगा। महिला अपनी श्रेणी में ही रहेगी। एक वर्ग की चयनित महिला कोटा पूरा करने के लिए दूसरे वर्ग में नहीं जा सकेगी। वह सामान्य या आरक्षित वर्ग में अपनी श्रे...

7/19/2019 12:12:00 PM'

प्लास्टिक की बोतल से पानी नहीं, कैंसर पी रहे आप!

लोग जिस बोतलबंद पानी को सुरक्षित मानकर पैसे देकर खरीद रहे हैं, वो उन्हें बीमार कर रहा है। न्यूयार्क की स्टेट यूनिवर्सिटी में हुए शोध में दावा किया गया है कि बोतलबंद पानी में प्लास्टिक के कण होने के साथ कई तरह के रसायन शामिल होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत घातक हैं। बोतलबंद पानी के सेवन से कैंसर तक हो सकता है। शोधकर्ताओं ने भारत के अलावा अमेरिका, चीन, ब्राजील, इंडोनेशिया, थाईलैंड, मैक्सिको, केन्या व लेबनान के बोतलबंद पानी के नमूनों की जांच की। शोधकर्ताओं का मानना है कि बोतलबंद पानी में प्रदूषण...

7/19/2019 12:09:00 PM'

बायोसीड्स डिस्क के जरिये देश में फैलेगी हरियाली

उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) ने पर्यावरण को सहेजने के साथ-साथ डिकंपोजेबल कूड़े के निस्तारण का एक विकल्प बायोसीड्स डिस्क तैयार किया है। देश में इस तरह की पहली तकनीक से कम समय में आदमी की पहुंच से दूर वाले स्थानों में सीड डिस्क फेंककर पौधरोपण किया जा सकेगा। इस एक डिस्क में जमैका चेरी, पीपल, पाकड़, बड़, बेड़ू, काफल, किलमोड़ा, हिसालू, बांज आदि समेत 50 तरह के पौधों के बीजों का प्रयोग किया गया है। ड्रोन के माध्यम से डिस्क को गिराने के बाद उसके टूटने पर यह बीज जगह-जगह फैल जाएंगे और बीजार...

7/19/2019 12:07:00 PM'

अब धरती की प्यास बुझा रहे सालों से सूखे पड़े हैंडपंप

एक हैंडपंप उतना पानी जमीन में वापस भेजेगा जितना दूसरा जमीन से खींचता है हरिओम गौड़, श्योपुर भूजल स्तर घटने के कारण सूख चुके हैंडपंपों से एक बूंद पानी नहीं निकलता। देशभर में ऐसे सूखे हैंडपंपों को मुंह चिढ़ाते हुए देखा जा सकता है। लेकिन आपसे यदि यह कहा जाए कि यही हैंडपंप धरती को लाखों लीटर पानी लौटा सकते हैं, तो सुनकर अचंभा होगा। श्योपुर, मध्य प्रदेश के आदिवासी विकास खंड कराहल के चार गांवों में ऐसा होते हुए देखा जा सकता है।इन चार गांवों के 11 सूखे हैंडपंप और दो कुएं जमीन के अंदर बारिश और गांव स...

7/18/2019 10:54:00 AM'

बजट और पर्यावरण सरोकार

पास रखेगी नहीं सब कुछ लुटाएगी नदी शंख, सीपी, रेत, पानी जो भी पाएगी नदी हमने वर्षो विष पिला के आजमाया है इसे अब हमें भी विष पिलाकर आजमाएगी नदी वर्ष 2019-2020 के बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हीं भावों से जुड़कर ग्रीन बजट की संज्ञा दी। इस ग्रीन बजट से जो सबसे बड़ा अर्थ निकल रहा है वह यह कि पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्रों में केवल बजट का आवंटन बढ़ाने भर से सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि पर्यावरण अनुकूल तकनीकों का समुचित विकास और ...

7/18/2019 10:51:00 AM'

बिगड़ती आबोहवा के व्यापक दुष्प्रभाव

मूडी एनालिटिक्स द्वारा वैश्विक अर्थव्यवस्था को जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान का हालिया आकलन बेहद चिंताजनक है। इसके नतीजे रेखांकित करते हैं कि जलवायु परिवर्तन का सर्वाधिक नुकसान भारतीय अर्थव्यवस्था को उठाना पड़ेगा। इसके मुताबिक यदि तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो जाती है तो वर्ष 2048 तक भारतीय अर्थव्यवस्था पर 2.45 फीसद के हिसाब से प्रतिकूल असर पड़ेगा। जिस तरह जलवायु परिवर्तन से तापमान में वृद्धि और वर्षा में उतार-चढ़ाव हो रहा है उससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हुई है और कृषि आ...

7/18/2019 10:48:00 AM'

हर साल सूख जाते हैं रोपे गए 50 फीसद पौधे

पिछले 18 साल से जंगलों में प्रति वर्ष डेढ़ से दो करोड़ पौधों का रोपण, फिर भी वनावरण 46 प्रतिशत से आगे नहीं निकल पाया है। यह है उत्तराखंड में वर्षाकाल में होने वाले पौधरोपण की तस्वीर। साफ है कि जिस हिसाब से प्रदेश में पौधरोपण हो रहा है, उसमें से 50 प्रतिशत पौधे भी जिंदा नहीं रह पा रहे हैं। जाहिर है कि नीति और नीयत में कहीं न कहीं खोट है। विभाग के मुखिया प्रमुख मुख्य वन संरक्षक जयराज ने स्वीकारा कि कुछ क्षेत्रों में रोपित पौधों का सरवाइवल रेट आशानुरूप नहीं है। इसे देखते हुए इस वर्ष होने वाले 1.90...

7/12/2019 9:46:00 AM'

कपूरथला में लोगों के प्रयास से गंदा तालाब हुआ निर्मल, अब बुझ रही खेतों की प्यास

रंग लाई मेहनत 4 अब न बदबू है न गंदा पानी, आधे तालाब पर बनाया गया है सुंदर पार्क कपूरथला देश के नागरिक अब ‘जल ही जीवन’ की सत्यता को स्वीकार करने के साथ ही पानी को संरक्षित करने की दिशा में भी काम करने लगे हैं। इस दिशा में पंजाब के कपूरथला में भी एक अच्छी पहल हुई है। यहां छप्पड़ (गंदे पानी का तालाब) का सदुपयोग कर जल संरक्षण किया जा रहा है। कपूरथला के गांव सिधवां दोनां में छप्पड़ को सजा-संवार कर एक मिसाल बना दिया गया है। सीवरेज और नालियों का गंदा पानी ट्रीट कर छप्पड़ के माध्यम से खेतों में इस्ते...

7/12/2019 9:44:00 AM'

पेड़ों पर निर्भर मानव का अस्तित्व

डॉ. महेश परिमलपेड़ पूरे विश्व के बिगड़ते पर्यावरण को बचा सकते हैं। हमारे देश में पेड़ तो रोज हजारों लगाए जा रहे हैं, पर उन पेड़ों की देखभाल नहीं हो पा रही है, इसलिए उनकी अकाल मौत हो रही है। लगातार तपती धरती, अनियमित बारिश आज पर्यावरण के महत्व को समझा रही है। 47 डिग्री के तापमान में लोग छाया का महत्व समझने लगे हैं। विकास की दौड़ में हमने पर्यावरण को भूला दिया है। बिगड़ते पर्यावरण के लिए हम सब दोषी हैं। प्रकृति का चक्र तोड़ने में हमने महारत हासिल कर ली है। आज जितनी तपिश है, वह अभी और बढ़ेगी, हमें...

7/12/2019 9:43:00 AM'

सिर्फ एक दिन का सहेज लें पानी तो राजधानी की सालभर की पूरी होगी जरूरत

यमुना के फ्लड प्लेन (डूब) क्षेत्र में बाढ़ के पानी के संग्रहण के लिए किराये पर जमीन लेने की योजना को दिल्ली सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद किसानों से बातचीत शुरू कर दी गई है ताकि किसानों से जमीन लेकर जल्दी उसमें छोटे-छोटे तालाब बनाए जा सकें। इस साल शुरुआत नि:संदेह छोटे स्तर पर होगी और 50 एकड़ में करीब 1,575 मिलियन गैलन पानी का संग्रहण होगा, लेकिन जल बोर्ड द्वारा कराए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि यमुना रिवर बेड में जल संग्रहण की आपार क्षमता है। मानसून में एक दिन में यमुना में बाढ़ का जितन...

7/12/2019 9:41:00 AM'

दुष्कर्म मामलों की सुनवाई के लिए देश भर में बनेंगी 1023 विशेष अदालतें

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और उन्हें त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। इसके लिए सरकार महिलाओं और बच्चों से दुष्कर्म व यौन उत्पीड़न के मामलों की त्वरित सुनवाई और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के इंतजाम कर रही है। इस सिलसिले में देश भर में 1023 विशेष अदालतें गठित की जाएंगी। इनमें बाल यौन उत्पीड़न निरोधक कानून (पोक्सो) के तहत के मामलों की भी सुनवाई होगी। एक वर्ष के भीतर इन अदालतों को गठित करने और इन अदालतों में एक वर्ष के भीतर ही यौन उत्पीड़न के मुकदमों को निपटाने का लक्ष्य ...

7/8/2019 11:23:00 AM'

ग्लोबल वॉर्मिग से बंदरों की विलुप्ति का खतरा

वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन विश्व के सामने सबसे बड़ा संकट बनकर खड़ा है। इसके चलते जीवों की कई प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं जिनमें दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले बंदर भी शामिल हैं। ग्लोबल चेंज बॉयोलॉजी में छपे शोध के अनुसार यदि पृथ्वी के तापमान में हो रही बढ़ोतरी को काबू में नहीं किया गया तो इन बंदरों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। अध्ययन के दौरान इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर (आइयूसीएन) के डाटाबेस में शामिल बंदर व लंगूरों की 426 प्रजातियों पर तापमान वृद्धि के असर का प...