Debate

2/10/2017 5:32:00 AM'

इंडिया आई आईएचआरओ का प्रयास -“अनहद” दृष्टिबाधित लोगों के लिए ,दृष्टिबाधित लोगों के द्वारा कार्यक्रम

दृष्टिहीनता अब अक्षमता का पर्याय नही है ।वे तमाम चुनौतियों को स्वीकारते हुए अपनी दक्षता साबित कर रहे है । एक समय था जब दृष्टिहीनता किसी अभिशाप से कम नही मानी जाती थी ,प्रकृति ने यह दोष जिस किसी को दिया वह सभी उससे इसकी वजह पूछते थे...कुछ के लिए यह भगवान की नाइंसाफी थी तो कुछ के लिए पिछले जन्म  का पाप ...लेकिन दृष्टि बाधित व्यक्ति का दुख समझ पाना बहुत मुश्किल है।एक सामान्य व्यक्ति के आँखो पर थोड़ी देर के लिए पट्टी बांध दी जाये तो आपमे से कुछ लोग थोड़ी दूर भी नही चल पायेंगे । हालांकि अब ये मि...







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