दुष्कर्म के 97.5% मामलों मे आरोपी परिचित

दुष्कर्म के 97.5% मामलों मे आरोपी परिचित

राजधानी दिल्ली में दुष्कर्म के 97.50 प्रतिशत मामलों में आरोपी पहचान वाले होते है ।दिल्ली पुलिस के सालाना रिपोर्ट के मुताबिक,वर्ष 2018 में 2043 दुष्कर्म की वारदातों मे से 1992 मामलों में पुलिस ने पीड़िता के रिश्तेदार,पड़ोसी,स्टाफ,परिजनों के दोस्त और लिव इन पार्टनर को गिरफ्तार  किया।

दोस्तो से ज्यादा खतरा –

दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक के अनुसार दुष्कर्म की सबसे ज्यादा वारदात पीड़ित के खुद के दोस्त या फिर उनके परिजनों के दोस्तों ने अंजाम दी है ।

पूरे साल में दुष्कर्म की 888 वारदात ऐसी सामने आई है,जिनमें या तो पीड़िता के लिव इन पार्टनर और दोस्त आरोपी रहे है या फिर उनके परिजनों के दोस्तों ने उन्हें अकेला देखकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।ज्यादातर मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया ।

घर-दफ्तर में भी परेशानी

महिलाओं –बच्चियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान उनके घर व दफ्तर को माना जाता है ।लेकिन अब ऐसा नहीं है क्योंकि वर्ष 2018 में दुष्कर्म के 246 मामले ऐसे सामने आए है,जिनमें आरोपी उनके अपने घर मे मौजूद रिश्तेदार है ।साथ ही 332 मामलों में आरोपी पड़ोसी है ,जिन्होंने घर मे घुसकर या फिर अपने घर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया है ।इसके साथ ही 467 मामलों में दोषी वह लोग रहे, जिनके ऊपर पीड़िता की सुरक्षा का जिम्मा था। इसमे स्कुल कैब चालक से लेकर शिक्षक तक शामिल रहे।59 दुष्कर्म के मामलों में आफिस के सहयोगियों पर आरोप लगे है।

सिर्फ 2.5% आरोपी अनजान

पुलिस के अनुसार ,केवल ढ़ाई प्रतिशत यानि 2043 में से केवल 51 मामलों में ऐसे आरोपियों को दोषी पाया गया है । जो पीड़िता या उसके परिवार को पहले से नही जानते थे।यह वारदात पीड़िता को अकेला पाकर,सफर के दौरान या फिर उनका अपहरण कर अंजाम दी गई है।

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